बल आघूर्ण के सिद्धान्त पर कार्य करने वाली एक भौतिक तुला के बाँये पलड़े में जब $5\; mg$ भार रखा जाता है तो कमानी क्षैतिज हो जाती है। तुला के दोनों पलड़ों का द्रव्यमान समान है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है ?
बाँयी भुजा, दाँयी भुजा से लम्बी है।
दोनों भुजायें समान लम्बाई की हैं।
बाँयी भुजा, दाँयी भुजा से छोटी है।
प्रत्येक वस्तु जिसको इस तुला पर तौला जाता है, उसका भार अपने वास्तविक भार से कम प्रतीत होता है।
भार $W$ तथा लम्बाई $L$ की एक क्षैतिज (horizontal) एकसमान बीम (uniform beam) के एक सिरे को एक उर्ध्वाधर दीवार के बिन्दु $O$ पर कब्जे से अटकाया गया (hinged) है। बीम का दूसरा सिरा $P$ एक भारहीन तथा न खींचने वाली (inextensible) डोरी से बंधा है। डोरी का दूसरा सिरा $Q$ बिन्दु $O$ पर स्थित कब्जे (hinge) से $L$ ऊंचाई पर बंधा है। बीम के सिरे $P$ से $\alpha W$ भार का एक गुटका जुड़ा है, जैसा चित्र में दर्शाया गया है। चित्र पैमाने (scale) के अनुसार नहीं है। डोरी अधिकतम तनाव $(2 \sqrt{2}) W$ वहन कर सकती है। निम्न में से कौन सा(से) कथन सही है (हैं)?
$(A)$ बिन्दु $O$ पर लगे प्रतिक्रिया बल का ऊर्ध्वाधर घटक, $\alpha$ पर निर्भर नहीं करता है
$(B)$ बिन्दु $O$ पर लग प्रतिक्रिया बल का क्षैतिज घटक, $\alpha=0.5$ के लिए, $W$ के बराबर है
$(C)$ $\alpha=0.5$ के लिए डोरी में तनाव $2 W$ है
$(D)$ यदि $\alpha>1.5$ हो, तो डोरी टूट जाएगी
$70$ सेंटीमीटर लंबी और $4.00\, kg$ द्रव्यमान की धातु की छड़ के दोनों सिरों से $10$ सेंटीमीटर दूर रखे दो क्षुर-धारों पर टिकी है। इसके एक सिरे से $40$ सेंटीमीटर की दूरी पर $6.00\, kg$ द्रव्यमान का एक भार लटकाया गया है। क्षुर-धारों पर लगने वाले प्रतिक्रिया बलों की गणना कीजिए। (छड़ को समांग और समान अनुप्रस्थ काट वाली मान सकते हैं।)
लम्बाई $'l'$ की एक एकसमान छड़ नगण्य त्रिज्या के एक ऊर्ध्वाधर डण्डे पर कीलकित (pivoted) है। जब यह डण्डा कोणीय गति $\omega$ से घूमता है तो छड़ इससे $\theta$ कोण बनाती है (चित्र देखें)। $\theta$ का मान ज्ञात करने के लिये हम छड़ के द्रव्यमान केन्द्र $(CM)$ के सापेक्ष इसके कोणीय संवेग में होने वाले परिवर्तन (जिसका मान $\frac{ m \ell^{2}}{12} \omega^{2} \sin \theta \cos \theta$ है और जिसकी दिशा इस तल के अन्दर की ओर है) को इस पर लगने वाले क्षैतिज $F _{ H }$ व ऊर्ध्वाधर $F _{ V }$ बलों के $CM$ के सापेक्ष आघूर्ण के बराबर लेते हैं। तब $\theta$ का मान ऐसा होगा कि ......।
$\ell$ लम्बाई और $m$ द्रव्यमान वाली एक छड़ $A$ के परित : ऊर्ध्वाधर समतल में घूर्णन करने के लिए मुक्त है। यह छड़ जो आरंभिक रूप से क्षैतिज स्थिति में है छोड़ दी गयी। छड़ का आरंभिक कोणीय त्वरण है $( A$ के परित : छड़ का जड़त्व आघूर्ण है $\frac{ m \ell^{2}}{3}$ ):
एकसमान धातु की पट्टी, जो कि एक त्रिभुज $ABC$ के आकार में है, का द्रव्यमान $540 \,gm$ है। भुजाओं $AB , BC$, एवं $CA$ की लम्बाई क्रमश: $3 \,cm$, $5 \,cm$ एवं $4 \,cm$ है। यह पह्टी मुक्त रूप से बिंदु $A$ पर धुराग्रस्त (pivotted) है। एक शीर्ष पर क्या द्रव्यमान जोड़ा जाए जिससे कि पट्टी इस तरह लटके कि उसकी लम्बी भुजा पूर्णतः क्षैतिज हो जाए ?